पसंद और प्यार में क्या अंतर हैं !!❤️


☞जब हमारा ध्यान व्यक्ति के व्यक्तित्व पे ना जाके उसके ऊपरी सुंदरता पे जाए तो वो पसंद है और जब हमारा ध्यान व्यक्ति की ऊपरी सुंदरता को न देख उसके व्यक्तित्व पे जाए तो वो प्यार है. 


☞प्यार अधिकतर सजीव चीजों से ही होता है और पसंद निर्जीव और सजीव दोनों चीजों से हो सकता है.


 ☞प्यार में हमे अपने से ज्यादा सामने वाली की ख़ुशी प्यारी होती है जबकि पसंद में ऐसा कुछ नहीं होता है. 


☞प्यार जरूरी नहीं होता कि लड़का लड़की (स्त्रीलिंग और पुल्लिंग) के बीच ही हो. प्यार हम अपने माता पिता, भाई बहन, दोस्तों से भी कर सकते हैं. और पसंद भी केवल लड़का लड़की (स्त्रीलिंग और पुल्लिंग) के बीच में ही हो जरूरी नहीं. हम हार, कार, बंगला कुछ भी पसंद कर सकते हैं. 


☞प्यार और पसंद एक दूसरे से बहुत भिन्न भी है और बहुत मिलते हुए भी, क्यूंकि जिससे हम प्यार करते हैं उसे हम पसंद भी करते हैं, लेकिन जिसे हम पसंद करते हैं उसे हम प्यार करे जरूरी नहीं.


 𝓛𝓸𝓿𝓮 𝓲𝓼 𝓷𝓸𝓽 𝓪 𝓪𝓽𝓽𝓻𝓪𝓬𝓽𝓲𝓸𝓷.

 𝓛𝓸𝓿𝓮 𝓲𝓼 𝓪𝓵𝓼𝓸 𝓷𝓸𝓽 𝓪𝓫𝓸𝓾𝓽 𝓽𝓸 𝓯𝓲𝓷𝓭 𝓼𝓸𝓶𝓮𝓸𝓷𝓮. 

𝓛𝓸𝓿𝓮 𝓲𝓼 𝓪𝓫𝓸𝓾𝓽 𝓽𝓸 𝓯𝓲𝓷𝓭 𝔂𝓸𝓾𝓻𝓼𝓮𝓵𝓯 𝓪𝓷𝓸𝓽𝓱𝓮𝓻 𝓸𝓷𝓮.


Written by.

𝓓𝓮𝓮𝓹𝓪𝓴 𝓡𝓪𝓾𝓼𝓱𝓪𝓷

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